सऊदी अरब में मुर्गी पालन (Poultry) के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सऊदी के पर्यावरण जल और कृषि मंत्रालय के अनुसार साल 2026 में मुर्गी के मांस का उत्पादन करीब 14 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वहीं, अंडों का उत्पादन 9 अरब से ज्यादा रहने का अनुमान है।
ये पूरे साल का अंतिम आंकड़ा नहीं है, बल्कि 2026 के लिए बताए गए लक्ष्य और अनुमान से जुड़े आंकड़े हैं। मंत्रालय ने यह जानकारी रियाद में आयोजित मिडिल ईस्ट पोल्ट्री एक्सपो 2026 (Middle East Poultry Expo 2026) के समापन के दौरान दी।

सऊदी में मुर्गी पालन का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
मिडिल ईस्ट पोल्ट्री एक्सपो 2026 का आयोजन 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक रियाद इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में किया गया।
मंत्रालय के अनुसार, सऊदी सरकार मुर्गी पालन के क्षेत्र में स्थानीय उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन क्षमता बेहतर करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
2026 के लिए क्या आंकड़े बताए गए हैं?
मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार:
- मुर्गी के मांस का उत्पादन करीब 14 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य
- अंडों का उत्पादन 9 अरब से ज्यादा रहने का अनुमान
- मुर्गी के मांस में करीब 80 प्रतिशत आत्मनिर्भरता (Self-sufficiency)
- खाने वाले अंडों में 100 प्रतिशत आत्मनिर्भरता
यहां 14 लाख टन और 9 अरब अंडों के आंकड़े 2026 के दौरान हासिल किए जाने वाले उत्पादन से जुड़े हैं। इन्हें पूरे साल का अंतिम उत्पादन आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
सऊदी सरकार स्थानीय उत्पादन क्यों बढ़ा रही है?
सऊदी सरकार खाने पीने की जरूरी चीजों का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसका एक बड़ा उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और बाहर से आने वाले सामान पर निर्भरता कम करना है।
मुर्गी पालन के क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ नई तकनीक, बेहतर व्यवस्था और निजी कंपनियों के निवेश को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार ये प्रयास सऊदी विजन 2030 (Saudi Vision 2030) के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
एक्सपो के दौरान 2.57 अरब रियाल से ज्यादा के समझौते
मिडिल ईस्ट पोल्ट्री एक्सपो 2026 में 45 देशों की 400 से ज्यादा कंपनियों और संस्थाओं ने हिस्सा लिया।
एक्सपो के दौरान मुर्गी पालन के क्षेत्र से जुड़े 27 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों की कुल निवेश राशि 2.574 अरब सऊदी रियाल से ज्यादा बताई गई है।
इन समझौतों का उद्देश्य मुर्गी पालन के क्षेत्र को विकसित करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, सामान की आपूर्ति व्यवस्था (Supply Chain) को मजबूत करना और निवेश के नए अवसर बढ़ाना है।
आगे भी स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
सऊदी के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय ने मुर्गी पालन के क्षेत्र में स्थानीय उत्पादन बढ़ाने के लिए 5 प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी है।
इनमें मुर्गियों की शुरुआती नस्ल (Parent Chicks) के स्थानीय उत्पादन को बढ़ाने की योजना भी शामिल है। इसके लिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के निवेश का समर्थन किया जा रहा है।
इस योजना के तहत हर साल करीब 1.5 करोड़ शुरुआती नस्ल के चूजे तैयार करने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?
सऊदी अरब में रहने वाले लोगों के लिए मुर्गी का मांस और अंडे रोजमर्रा की जरूरत की चीजों में शामिल हैं। देश में इनका स्थानीय उत्पादन बढ़ाने से आने वाले समय में इनकी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, उत्पादन बढ़ने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि बाजार में मुर्गी या अंडों की कीमत तुरंत कम हो जाएगी। कीमतों पर उत्पादन के अलावा मांग, परिवहन, चारे और दूसरे खर्चों का भी असर पड़ता है।
सऊदी अरब में मुर्गी पालन के क्षेत्र को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है। मंत्रालय की अक्टूबर 2026 की जानकारी के अनुसार, 2026 में मुर्गी के मांस का उत्पादन करीब 14 लाख टन तक पहुंचाने और अंडों का उत्पादन 9 अरब से ज्यादा करने का लक्ष्य और अनुमान बताया गया है।
यह पूरे साल का अंतिम उत्पादन आंकड़ा नहीं है, बल्कि 2026 के दौरान उत्पादन से जुड़े लक्ष्य और अनुमान हैं।
नोट: ऊपर दी गई जानकारी सऊदी के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय तथा सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) की अक्टूबर 2026 में जारी जानकारी पर आधारित है। उत्पादन और आत्मनिर्भरता से जुड़े आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।
